वेबसाइट पर उपयोगकर्ता व्यवहार समझना: इवेंट, फ़नल और गोपनीयता
वेब एनालिटिक्स में उपयोगी इवेंट तय करें, गलत ट्रैकिंग पहचानें और निजी जानकारी की अनावश्यक रिकॉर्डिंग से बचें।
सवाल तय किए बिना डेटा जमा न करें
उपयोगकर्ता व्यवहार विश्लेषण का उद्देश्य यह समझना है कि वेबसाइट या ऐप पर लोग किस चरण में अटकते हैं। पहले एक ठोस सवाल चुनें: पंजीकरण फ़ॉर्म क्यों अधूरा रह जाता है, सेवा का विकल्प कहाँ खोजा जाता है, या भुगतान के समय क्या समस्या होती है। फिर उन गिने-चुने मापों को चुनें जो निर्णय लेने में मदद करेंगे। केवल पेज व्यू और क्लिक की बड़ी संख्या उपयोगकर्ता की मंशा नहीं बताती। जरूरत पड़ने पर वास्तविक उपयोग परीक्षण और लोगों की प्रतिक्रिया से भी कारण खोजें।
इवेंट की स्पष्ट परिभाषा लिखें
हर मुख्य क्रिया के लिए उसका नाम, कब रिकॉर्ड होगा और कौन सी न्यूनतम जानकारी जरूरी है, यह तय करें। उदाहरण के लिए, सफल फ़ॉर्म जमा होने वाला इवेंट तभी गिना जाए जब प्रणाली ने वास्तव में सफलता की पुष्टि की हो। खाली फ़ॉर्म पर बटन दबाना सफलता नहीं है। मोबाइल और कंप्यूटर दोनों पर जाँचें कि कोई इवेंट दो बार तो दर्ज नहीं हो रहा। परीक्षण खाते और असली उपयोगकर्ता के डेटा में अंतर रखें। स्पष्ट दस्तावेज़ डेवलपर और विश्लेषक को एक ही अर्थ में रिपोर्ट पढ़ने देते हैं।
उपकरण का चुनाव काम देखकर करें
मूल रूसी लेख Yandex Metrica और Google Analytics जैसे विकल्पों पर चर्चा करता है। लेकिन किसी उत्पाद की वर्तमान उपलब्धता, सुविधाएँ और परियोजना के साथ संगतता अलग से जाँचनी चाहिए। भारत की किसी वेबसाइट के लिए उसी पसंद को बिना सोचे लागू करना उचित नहीं है। देखें कि आपको ट्रैफ़िक के स्रोत, फ़नल, इवेंट लॉग या उपयोग की कठिनाइयों में से क्या समझना है। कभी-कभी थोड़े से सही इवेंट अधिक उपयोगी होते हैं, जबकि भारी ट्रैकिंग व्यवस्था का रखरखाव कठिन हो सकता है।
निजी जानकारी की सुरक्षा पहले से सोचें
सेशन रिकॉर्डिंग और क्लिक मैप गलती से फ़ॉर्म में टाइप किए गए व्यक्तिगत विवरण भी कैप्चर कर सकते हैं। पासवर्ड, निजी संदेश या संवेदनशील फ़ील्ड रिकॉर्ड न हों, यह सुनिश्चित करें। डेटा तक पहुँच सीमित रखें, आवश्यक अवधि तय करें और अनावश्यक संग्रह बंद करने का तरीका बनाएँ। किस सूचना, अनुमति या सहमति की जरूरत है, यह वर्तमान लागू आवश्यकताओं और वास्तविक दर्शकों के आधार पर जाँचें; दूसरे देश की सलाह को सीधे नियम न मानें। बेहतर विश्लेषण के लिए हर चीज़ रिकॉर्ड करना जरूरी नहीं है।
फ़नल रिपोर्ट में सावधानी से निष्कर्ष निकालें
किसी चरण पर बहुत लोग चले जाते हैं तो यह समस्या की जाँच का संकेत है, कारण का प्रमाण नहीं। पहले धीमे पेज, अस्पष्ट शब्द, बटन की खराबी, उपकरण के अंतर और तकनीकी त्रुटियाँ देखें। पुराने और नए आँकड़े मिलाते समय साइट में किए गए बदलाव और ट्रैफ़िक का स्रोत नोट करें। केवल एक ग्राफ़ देखकर बटन का रंग बदलने को समाधान मान लेना गलत हो सकता है। सुधार से पहले सफलता का माप तय करें, फिर नई व्यवस्था को उसी आधार पर जाँचें।
विश्लेषक से काम माँगने का उदाहरण
एक उपयोगी अनुरोध है: “हम चार चरण के आवेदन फ़ॉर्म में अधूरे आवेदन समझना चाहते हैं। कृपया मौजूदा इवेंट की जाँच करें, दोहरी गिनती हटाएँ, जरूरी फ़नल बनाएँ और परीक्षण का तरीका समझाएँ।” प्रौद्योगिकी, मौजूदा उपकरण और रिपोर्ट पढ़ने वाले लोगों की जरूरत बताएं। डिलीवरी में इवेंट सूची, जाँच का प्रमाण और प्राथमिकता वाले सुझाव माँगें। वास्तविक ग्राहकों के निजी डेटा साझा करने के बजाय जहाँ संभव हो वहाँ नकली परीक्षण उदाहरण उपयोग करें।
लोगों से सीधे जुड़ने का एक विकल्प
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