घर या छोटी वर्कशॉप में औजार कैसे व्यवस्थित रखें
भारतीय छोटे कार्यस्थलों के लिए औजारों की सूची, रैक, लेबल और सुरक्षित रखरखाव की योजना।
पहले औजारों की सूची बनाएं
हाथ के औजार, बिजली से चलने वाले उपकरण, मापने वाले यंत्र और छोटे नट-बोल्ट अलग करें। लिखें कि रोज कौन सी चीज काम आती है, क्या टूटा है और क्या बेकार पड़ा है। कमरे, दरवाजे तथा काम की मेज का नाप लें। पहले काम करने की जरूरत समझें, फिर अलमारी खरीदें। असुरक्षित औजार को बाकी सामान के साथ वापस न रखें।
सामान के हिसाब से स्टोरेज चुनें
हल्के औजार के लिए मजबूत दीवार-पैनल, छोटे पुर्जों के लिए अलग खानों वाले डिब्बे और बाहर ले जाने वाले उपकरणों के लिए केस उपयोगी हो सकते हैं। भारी सामान के लिए रैक की क्षमता और दीवार की मजबूती देखें। पहियों वाली ट्रॉली तभी ठीक है जब फर्श समतल और रास्ता खुला हो। अलमारी के अंदर की जगह भी नापें।
गर्मी, सीलन और चोट से बचें
धारदार ब्लेड ढककर रखें, भारी सामान नीचे रखें और निकास तथा बिजली के पास रास्ता न रोकें। सही योजना के बिना सिर के ऊपर भारी चीजें न लटकाएं। बंद अलमारी लगाने से पहले पानी और नमी का स्रोत देखें। बैटरी तथा चार्जर के लिए निर्माता की सलाह मानें; सभी उपकरणों के लिए एक जैसा तापमान या चार्ज स्तर सही नहीं होता। खराब यंत्र अलग रखें।
लेबल और देखभाल का नियम रखें
हर दराज पर सामान का नाम और आकार लिखें। कई लोग एक वर्कशॉप इस्तेमाल करते हों तो व्यवस्थित हालत की तस्वीर रखें और जांच की जिम्मेदारी तय करें। काम खत्म होने पर धूल हटाएं, जंग देखें और टूटे हुए हिस्से दर्ज करें। महीने में कुछ समय निकालकर जांचें कि अक्सर उपयोग होने वाले औजार सही जगह पर हैं या व्यवस्था बदलनी चाहिए।
काम कराने से पहले विवरण दें
बढ़ई या इंस्टॉलर को फोटो, दीवार की सामग्री, माप, अनुमानित वजन और बजट बताएं। पूछें कि वह फिक्सिंग की मजबूती कैसे जांचेगा और कीमत में सामान, नाप, फिटिंग तथा सफाई में क्या शामिल है। भारत में गर्मी, नमी और निर्माण सामग्री स्थान के अनुसार बदल सकती है; वास्तविक जगह देखें। केवल सामान सजाना और भारी रैक लगाना अलग सेवाएं हैं।
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